संक्षिप्त परिचय

 

      भाऊराव देवरस सेवा न्यास भारतीयो के सम्र विकास हेतु जन-जागरण के विविध कार्यक्रमों का संचालन विगत 19 वर्शों से करता है। जन-जागरण के कार्यों में प्रमुख कार्य सद् साहित्या का प्रकाषन तथा सृजनकर्ताओं का सम्मान प्रमुख मूल है। अतः न्यास विगत 11 वर्शों से भारतीय जन-मानस से जुड़े व्यक्तियों,घटनाओं और विशयों को केन्द्रीय विशय बनाकर विषेशांक के रूप में सेवा चेतना अर्द्धवार्शिक प्रकाषित कर रहा है। सेवा चेतना के सभी विषेशांक देष और विदेष में अत्यन्त लोकप्रिय रहा हैं। पाठकों ने इसे सराहा है और अपने संग्रह में सेवा चेतना का स्थान दिया है। देष के जाने माने लेखकों व विचारकों के षोधपरक तथा विचारपरक लेखों से सुसज्जित ‘सेवा चेतना’ तथ्यात्मक तथा ऐतिहासिक स्वरूप लिए हुए है।

प्रेरणा सा्रेत
स्वः भाऊराव जी का व्यक्तित्व एंव कृतित्व
न्यास की स्थापना
29 दिसम्बर 1993
कार्यालय
सी-91,निराला नगर, लखनऊ
न्यास का उद्ेदश्य

न्यास का मूल उद्ेदश्य है कि सामाजिक एंव आर्थिक दृष्टि से पीड़ित शोषित तथा उपेक्षित वर्ग के लोगो का सर्वागीण विकास.और इसके लिये शिक्षा, स्वास्थ्य.एंव संस्कार-केन्द्रो के माध्यम से विविध सेवा-प्रकल्पो की योजना बनाकर उन्हे संचालित करना। इसके अतिरिक्त जनजागरण के लिये समय-समय पर सामाजिक आयोजन करना।

न्यास के कार्यक्रम
प्रतिवर्ष एक व्याख्यानमाला का आयोजन।
प्रतिवर्ष देश के पॉच युवा साहित्यकारो का सम्मान।
प्रतिवर्ष देश के दो सेवाव्रतियो का सम्मान।
प्रतिवर्ष शीतकालीन निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविरो, विकलांग शिविरो के आयोजन।
न्यास के स्वास्थ्य सेवा-प्रकल्प के माध्यम से सचल चिकित्सा-वाहनो द्वारा ग्रामीण एंव शहरी क्षेत्रो में निःशुल्क स्वास्थ्य-सेवा-केन्द्रो का निरंतर संचालन।
निर्धन, असहाय एंव मेघावी छात्रो को छात्रवृत्ति प्रदान करना।
प्रकाशन

‘सेवा चेतना‘ अर्द्ववार्षिक पत्रिका एंव ‘सेवा संवाद‘ मासिक पत्र का प्रकाशन।

 
आगामी अंक
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लेख आमंत्रित
जन्म और बाल्यकाल : मा के स्वप्न में षिव दर्शन से बाल समाधि तक।
नरेन्द्र दत्त : कठिनार्इयों से जूझते हुए षिव की जिज्ञासा।
कालीमाता के दर्षन और गुरू की शरण में।
विविदषानन्द से विवेकानन्द : देष दर्षन।
षिकागो के लिए प्रस्थान और वक्तृता ।
पषिचम में प्रवास : आकाष में षिव की चनिद्रका का प्रकाश।
माृतभूमि में मार्गदर्षन : मठो की स्थापना, देष- भ्रमण।
षिव की ज्योति में लय।
स्वामी विवेकानन्द का विष्व को अवदान।
 स्वामी विवेकान्न्द का स्वदेष को अवदान।
स्वामी विवेकानन्द का आध्यातिमक अवदान।
स्वामी विवेकानन्द का षिक्षा दर्षन।
युवाओं के प्रेरणस्रोत स्वामी विवेकानन्द
स्वामी विवेकानन्द और सेवाकार्य।
बेलूर मठ संन्यासियों को प्रेरणा।
हिमालय के प्रति विवेकानन्द का प्रेम।
स्वामी विवेकानन्द के प्रमुख षिष्य।
स्वामी विवेकानन्द के प्रमुख सहयोगी।
स्वामी विवेकानन्द के प्रवचानों के प्रकाषन केन्द्र ओर प्रकाषित ग्रन्थ।
स्वामी विवेकानन्द के विचारों से संबनिधत प्रमुख पत्र - पत्रिकाएं।
कुमारी अन्तरीप में विवेकानन्द स्मृति मनिदर।
स्वामी विवेकानन्द से सम्बनिधत योग - षिक्षण।
रामकृष्ण मठ की स्थापना, उद्वेष्य और कार्य।
विदेषो मे विवेकानन्द से प्रेरित सेवा- केन्द।
स्वदेष में विवेकानन्द से प्रेरित सेवा-कार्य।
मां शारदा ओर विवेकानन्द।
स्वामी विवेकानन्द और भगिनी निवेदिता।
स्वामी विवेकानन्द की वेदान्त दृषिट।
स्वामी विवेकानन्द का व्यावहाहरक दर्षन।
विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी और स्वामी जी।
स्वामी विवेकानन्द का संस्क1तानुराग।
स्वामी विवेकानन्द का मानवता के लिए अवदान।
स्वामी विवेकानन्द का राष्ट- दर्षन।
स्वामी विवेकानन्द एक कुषल संगठक।
श्रेष्ठ कर्मयोगी स्वामी विवेकानन्द।
जन-जन के प्रिय स्वामी विवेकानन्द।
सम्पूर्ण विष्व में विवेकानन्द की स्वीकार्यता।
आधुनिक युग में स्वामी विवेकानन्द की प्रासंगिकता।
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आगामी घटनाएँ 

 

 

वीडियो 
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